छह के खिलाफ गबन का मामला दर्ज

गया : गया जेल में प्रतिनियुक्त कर्मियों द्वारा नाजायज तरीके से सरकारी राशि की निकासी कर गबन कर लिए जाने का मामला प्रकाश में आया है. इसे गंभीरता से लेते हुए जेल प्रेस के उपाधीक्षक सह प्रभारी अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने इस मामले में छह लोगों के विरुद्ध रामपुर थाना में मामला दर्ज कराया है.

थाना को दिए गए आवेदन में अधीक्षक सिंह द्वारा कहा गया है कि जेलप्रेस के पूर्व प्रधान लिपिक संजय कुमार एवं पूर्व रोकड़पाल लाल ठाकुर की मिलीभगत से अमरेंद्र कुमार उर्फ राकेश कुमार उर्फ रंजीत कुमार जिन्होंने अपने पिता का नाम स्व. अनिलकांत सिन्हा तथा स्व. अशोक कुमार सिन्हा दर्शाया है के द्वारा स्व. अशोक कुमार सिन्हा की पीएफ की राशि एक लाख एक हजार एक सौ 28 रुपए की निकासी कर आपस में बंदरबांट कर लिया गया है.

क्या है मामला?

गया जेल प्रेस में स्व. अनिलकांत सिन्हा तथा स्व. अशोक कुमार सिन्हा दोनों भाई कार्यरत थे. अनिलकांत सिन्हा की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी मंजू सिन्हा को जेल प्रेस में अनुकंपा के आधार पर नियुक्त किया गया. उस वक्त मंजू सिन्हा ने अपने आश्रित चार पुत्रों अजीत कुमार सिन्हा, नीतीश कुमार सिन्हा, राकेश कुमार सिन्हा एवं रौशन कुमार सिन्हा का जिक्र किया था. वहीं अशोक कुमार सिन्हा ने शादी ही नहीं की थी. 17 सितम्बर 2010 को मंजू सिन्हा की मृत्यु के बाद इनके पुत्रों ने सरकारी तौर पर मिलने वाली राशि प्राप्त कर ली. इसी बीच 05 दिसम्बर 2010 को अशोक कुमार सिन्हा की भी मौत हो गई.

चूंकि वे अविवाहित थे और उनका कोई वारिस नहीं था. इस कारण उनके मृत्युपरांत किसी प्रकार की राशि का भुगतान नहीं किया गया. अशोक कुमार सिन्हा की मौत के बाद कार्यालय के तत्कालीन रोकड़पाल लाल ठाकुर तथा तत्कालीन प्रधान लिपिक संजय कुमार के द्वारा तत्कालीन लेखापाल वकील चौधरी एवं मंजू सिन्हा के आश्रित पुत्र रौशन कुमार को मिलाकर मंजू सिन्हा के तीसरे नंबर के पुत्र अमरेंद्र कुमार सिन्हा उर्फ राकेश कुमार सिन्हा उर्फ रंजीत कुमार सिन्हा को अशोक कुमार सिन्हा के प्रथम पुत्र के रुप में खड़ा कर उनकी देय पावना राशि की निकासी का षडयंत्र रचा.

इसके लिए रौशन कुमार सिन्हा एवं राकेश कुमार सिन्हा ने एसबीआई की एपी कॉलोनी शाखा में बचत खाता भी नकली नामों से खुलवा लिया. जिसका खाता संख्या- 31792453866 है. इस अकाउंट में स्व. अशोक कुमार सिन्हा के पीएफ के रुप में प्राप्त एक लाख एक हजार एक सौ 28 रुपए का चेक भी भंजा लिया. इसके बाद उन्होंने स्व. अशोक कुमार सिन्हा के ग्रुप बीमा की राशि की निकासी का प्रयास शुरु कर दिया. शक होने पर तत्कालीन अधीक्षक सह एसडीओ ने अमरेंद्र कुमार सिन्हा उर्फ राकेश कुमार सिन्हा उर्फ रंजीत कुमार सिन्हा से वंशावली, पारिवारिक सूची सहित अन्य कागजातों की मांग की, लेकिन आज तक वह जमा नहीं किया गया.

embezzlement

इनके ऊपर दर्ज हुई प्राथमिकी

इस मामले में अधीक्षक के पत्र के बाद रामपुर थाना में जेलप्रेस के पूर्व प्रधान लिपिक संजय कुमार, पूर्व रोकड़पाल लाल ठाकुर, पूर्व लेखापाल वकील चौधरी सहित अमरेंद्र कुमार एवं अमरेंद्र की पत्नी ज्योति सिन्हा के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है.

 

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